1983 में जोआन प्रोस ने अपना पहला आइसक्रीम पार्लर खोला था। चालीस साल से ज़्यादा के अनुभव के बाद, वह सफलता के राज़ उजागर कर रहे हैं। उनका कहना है कि आजकल कई आइसक्रीम की दुकानें खुल रही हैं, लेकिन केवल वही टिक पाती हैं जिनके पास एक अलग तरीका है। प्रोस को तनाव के कारण मधुमेह हो गया है और इस वजह से वह अपनी बनाई हुई ज़्यादातर आइसक्रीम का स्वाद नहीं ले पाते। वह केवल नींबू की आइसक्रीम का आनंद ले सकते हैं। यह कहानी एक सफल व्यवसायी के स्वास्थ्य पर काम के तनाव के प्रभाव को दर्शाती है। प्रोस की लंबी सफलता उनकी विशिष्ट प्रणाली और गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने का परिणाम है।