ओसीबीसी बैंक की नॉरलेला समद ने बताया कि धोखाधड़ी के शिकार हुए कुछ लोग अपनी निजी बातों पर चर्चा करने को तैयार नहीं होते हैं। यह पीड़ितों के लिए शर्म और पछतावे की भावना के कारण होता है। समद अब बैंक में अपनी नियमित भूमिका के साथ-साथ एक ‘एंटी-स्कैम’ सलाहकार के रूप में भी काम कर रही हैं। उनका काम पीड़ितों को भावनात्मक समर्थन देना और उन्हें भविष्य में धोखाधड़ी से बचने के लिए सलाह देना है। उन्होंने बताया कि पीड़ितों की बात सुनना और धैर्य रखना बहुत ज़रूरी है। समद का मानना है कि जागरूकता और शिक्षा से धोखाधड़ी के मामलों को कम किया जा सकता है। ओसीबीसी बैंक धोखाधड़ी से निपटने के लिए कई कदम उठा रहा है, जिसमें पीड़ितों के लिए सहायता प्रदान करना भी शामिल है।