सरकार ने लैंगिक समानता कानून में संशोधन को मंजूरी दी है। इस संशोधन के तहत, सार्वजनिक कंपनियों के प्रबंधन और पर्यवेक्षी बोर्डों, विशेष रूप से निदेशक मंडल में कम से कम एक तिहाई (33%) पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इसका उद्देश्य कॉर्पोरेट नेतृत्व में लैंगिक संतुलन को बढ़ावा देना है। यह कदम महिलाओं को उच्च-स्तरीय पदों पर अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। सरकार का मानना है कि इससे निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में विविधता आएगी और कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर होगा। संशोधन का उद्देश्य कंपनियों को अधिक समावेशी और समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह कानून लागू होने के बाद, सार्वजनिक क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।