सुबह के करीब आने पर नींद हल्की हो जाती है, गहरी नींद का समय कम हो जाता है, और शरीर धीरे-धीरे जागने की अवस्था में चला जाता है। यही कारण है कि कई लोग आसानी से जाग जाते हैं। हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी, जिसे सर्केडियन रिदम कहते हैं, इस प्रक्रिया को नियंत्रित करती है। जैसे-जैसे रात बीतती है, हमारा शरीर सुबह की तैयारी करने लगता है। ऐसा माना जाता है कि शरीर कोर्टिसोल जैसे हार्मोन का उत्पादन बढ़ाता है, जो हमें जगाने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, बाहरी संकेत, जैसे प्रकाश और ध्वनि, भी हमारी नींद में खलल डाल सकते हैं और हमें जगा सकते हैं। इसलिए, सुबह के समय नींद हल्की होना एक सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया है।