लंबे समय तक बैठे रहने से न केवल पीठ, गर्दन और कंधों में दर्द होता है, बल्कि शरीर की रक्त शर्करा को नियंत्रित करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। लगातार गतिहीन रहने से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप, प्री-डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की चयापचय क्रिया धीमी हो जाती है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि और ब्रेक लेने से इन जोखिमों को कम किया जा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाना रक्त शर्करा नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण है। इस समस्या से बचने के लिए हर घंटे उठकर थोड़ा टहलना चाहिए।