नेपाल बार एसोसिएशन ने संपत्ति जाँच मामले को तीन न्यायाधीशों की पूर्ण बेंच से संवैधानिक बेंच में भेजने का विरोध किया है। इस विरोध से न्यायिक प्रक्रिया और बेंच के चयन पर सवाल उठने लगे हैं। एसोसिएशन का मानना है कि यह कदम उचित नहीं है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकता है। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के बीच भी मतभेद सामने आए हैं। यह विवाद नेपाल की न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता के महत्व को रेखांकित करता है। इस मामले की आगे की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह भविष्य में न्यायिक फैसलों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।