एक प्रबंधक के रूप में, लेखक ने कर्मचारियों के लंच ब्रेक को समय की बर्बादी माना और उसे आधा कर दिया। इस निर्णय का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना था, लेकिन इसका विपरीत प्रभाव पड़ा। कर्मचारियों की मनोदशा और कार्य प्रदर्शन में गिरावट आई। लेखक ने महसूस किया कि ब्रेक कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। लंबे समय में, ब्रेक में कटौती से उत्पादकता में कमी आई और कर्मचारियों का मनोबल गिरा। इस अनुभव से लेखक ने सीखा कि कर्मचारियों की भलाई को प्राथमिकता देना और उचित ब्रेक देना महत्वपूर्ण है। यह निर्णय एक महंगी गलती साबित हुई।