अगले साल के न्यूनतम वेतन में वृद्धि को लेकर कोरिया में गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई है। श्रमिक संघों ने मौजूदा दर से 16.3% की वृद्धि की मांग करते हुए प्रति घंटा 12,000 वोन का प्रस्ताव रखा है। वहीं, नियोक्ता संगठनों ने वेतन को स्थिर रखने का आग्रह किया है। यह शुरुआती प्रस्ताव है और आगे इस पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। सरकार की भूमिका इस मामले में मध्यस्थता करने की होगी। न्यूनतम वेतन में वृद्धि का असर देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर पड़ सकता है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाना एक चुनौती होगी।
