हंगरी में राजमार्गों की रियायत को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ऑर्बन सरकार द्वारा राजमार्गों की रियायत निजी कंपनियों को देने का फैसला राज्य के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुआ है। रियायत प्राप्त करने वाली कंपनियों को भारी मुनाफा हुआ है, जिसमें से एक कंपनी मेस्ज़ारोस की है। राजस्व का केवल 13 प्रतिशत ही लाभ में परिवर्तित हुआ है, जबकि अधिकांश धन मालिकों की ओर गया है। आलोचकों का कहना है कि सरकार ने राजमार्गों को रियायत पर देने का निर्णय लेने में उचित सावधानी नहीं बरती। इस फैसले से सार्वजनिक धन का नुकसान हुआ है और निजी व्यवसायी लाभान्वित हुए हैं। इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।