हार्वर्ड विश्वविद्यालय की जीवविज्ञानी कोर्टनी पीटरसन ने ब्लड शुगर प्रबंधन पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, शरीर में ग्लूकोज के स्तर को बिगाड़ने वाला सबसे तेज़ कारक नींद की कमी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खराब खान-पान या शारीरिक निष्क्रियता की तुलना में कम सोना अधिक हानिकारक हो सकता है। डॉक्टर पीटरसन ने इस बात पर जोर दिया कि ग्लूकोज नियंत्रण के लिए पर्याप्त नींद लेना डाइट से भी अधिक महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, उन्होंने अपने विश्लेषण में इंटरमिटेंट फास्टिंग (रुक-रुक कर उपवास) के फायदों के बारे में भी बताया। यह शोध स्वास्थ्य के प्रति एक नया दृष्टिकोण प्रदान करता है जहाँ नींद को मेटाबॉलिज्म का मुख्य आधार माना गया है।
