एम्स्टर्डम की अपील अदालत ने फैसला सुनाया है कि टेम्पर् नामक वर्क प्लेटफॉर्म कानूनी रूप से एक अस्थायी भर्ती एजेंसी है। इस फैसले का मतलब है कि टेम्पर् के माध्यम से काम करने वाले गिग वर्कर्स को बकाया वेतन मिल सकता है। अदालत ने माना कि टेम्पर्, वर्कर्स को नौकरी पर रखने और उन्हें काम सौंपने के तरीके से एक पारंपरिक भर्ती एजेंसी के समान कार्य कर रहा था। इसलिए, टेम्पर् को अब इन वर्कर्स को कर्मचारियों के समान अधिकार और लाभ प्रदान करने होंगे। इस फैसले से गिग अर्थव्यवस्था में काम करने वाले अन्य वर्कर्स के लिए भी एक मिसाल कायम हो सकती है। टेम्पर् ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना है। यह फैसला गिग वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
