मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, घर में अंधेरा रखने की आदत का सीधा असर मनोदशा, नींद, मानसिक स्वास्थ्य और स्वभाव पर पड़ता है। यह आदत कई लोगों में देखी जाती है, लेकिन इसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। अंधेरे में रहने से उदासी और निराशा की भावनाएं बढ़ सकती हैं। नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है, जिससे थकान और चिड़चिड़ापन हो सकता है। मानसिक स्वास्थ्य पर लंबे समय तक नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक रोशनी में रहने से बेहतर मानसिक स्वास्थ्य बना रहता है। इसलिए, घर में पर्याप्त रोशनी रखना आवश्यक है।