श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक नया नियम पेश किया है जिसके तहत कैंसर के निदान, उपचार या इसके प्रभावों के कारण किसी भी कर्मचारी को नौकरी से निकालना अब अवैध होगा। यह नियम सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के कर्मचारियों पर लागू होगा। इस नियम के अनुसार, कैंसर से पीड़ित कर्मचारी को नौकरी से निकालने की कोई भी कार्रवाई रद्द मानी जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि यह नियम कैंसर रोगियों के अधिकारों की रक्षा करेगा और उन्हें रोजगार की सुरक्षा प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कार्यस्थल पर समानता और समावेशिता को बढ़ावा देगा। इस नियम के लागू होने से कैंसर से जूझ रहे कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक सुरक्षा मिलेगी। सरकार ने इस पहल को सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।