हार्वर्ड के एक विशेषज्ञ की नई रिपोर्ट में जामुनों – जैसे स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी और ब्लूबेरी – की बर्बादी को कम करने के तरीकों पर प्रकाश डाला गया है। इस रिपोर्ट में 47 अंतर्राष्ट्रीय अध्ययनों का विश्लेषण किया गया है, जिसमें धुलाई और भिगोने की विभिन्न विधियों की तुलना की गई है। शोध से पता चला है कि कुछ यौगिक धोने की प्रक्रिया में नष्ट हो जाते हैं, जबकि कुछ यौगिक जामुनों में स्वाभाविक रूप से मौजूद होते हैं और उन्हें पूरी तरह से हटाया नहीं जा सकता। रिपोर्ट का उद्देश्य जामुनों की बर्बादी को कम करने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उपभोक्ताओं और उत्पादकों को मार्गदर्शन प्रदान करना है। यह अध्ययन खाद्य अपशिष्ट को कम करने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देता है। निष्कर्षों से जामुनों के भंडारण और प्रसंस्करण के बेहतर तरीकों को विकसित करने में मदद मिल सकती है।
