विशेषज्ञों ने माता-पिता और स्कूलों से युवाओं के सोशल मीडिया उपयोग पर गहराई से ध्यान देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि केवल स्क्रीन टाइम पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, सोशल मीडिया की सामग्री और युवाओं पर उसके प्रभाव का आकलन करना अधिक महत्वपूर्ण है। यह विशेष रूप से उनके मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण के लिए आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं को अपने सोशल मीडिया उपयोग पर विचार करने और उसके संभावित परिणामों को समझने में मदद करना महत्वपूर्ण है। यह हस्तक्षेप अधिक लक्षित और प्रभावी हो सकता है। स्कूलों और परिवारों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि युवा सोशल मीडिया का सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से उपयोग कर सकें। इस पहल से युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी और वे हानिकारक प्रभावों से बच सकेंगे।