भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (ICAC) की जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग के एक पूर्व कार्यकारी को उस दिन बर्खास्त कर दिया गया था, जिस दिन उन्होंने एक सहकर्मी की वेतन वृद्धि को अस्वीकार कर दिया था। यह बर्खास्तगी एक विवादास्पद वेतन वृद्धि से जुड़ी हुई है, जिसकी जांच ICAC कर रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि कार्यकारी ने अपने सहकर्मी के वेतन में प्रस्तावित वृद्धि को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके तुरंत बाद ही उन्हें पद से हटा दिया गया। ICAC इस मामले में बर्खास्तगी और वेतन वृद्धि के बीच संबंध की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। आगे की जांच से इस मामले में और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।