यूरोप ने उबर पर एक भारी जुर्माना लगाया है क्योंकि कंपनी ने ड्राइवरों को हटाने के लिए एक अदृश्य एल्गोरिदम का उपयोग किया। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि इन फैसलों में किसी मानवीय निरीक्षण का अभाव था। यह जुर्माना मेटा के बाद जीडीपीआर (GDPR) इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा जुर्माना है। यूरोपीय अधिकारियों ने पाया कि एल्गोरिदम द्वारा लिए गए फैसले पारदर्शी नहीं थे। कंपनी ने इस मामले में कड़ा विरोध जताया है, लेकिन नियमों का उल्लंघन स्पष्ट था। यह मामला तकनीक और श्रम अधिकारों के बीच बढ़ते संघर्ष को दर्शाता है। अब यूरोपीय संघ एल्गोरिदम आधारित बर्खास्तगी पर कड़ी नजर रख रहा है।