संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की प्रतिनिधि आयसेगुल सेलिसिक ने बताया है कि बोलू क्षेत्र में कृषि पारिस्थितिक विधियों को अपनाने से गेहूं के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां प्रति हेक्टेयर गेहूं का उत्पादन 200-250 किलोग्राम था, वहीं अब यह बढ़कर 550 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गया है। यह वृद्धि कृषि पारिस्थितिक दृष्टिकोण के सफल कार्यान्वयन का परिणाम है। इन विधियों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग को कम करके प्राकृतिक प्रक्रियाओं को बढ़ावा दिया जाता है। इस सफलता से क्षेत्र के किसानों को लाभ हुआ है और खाद्य सुरक्षा में योगदान मिला है। एफएओ इस तरह की टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बोलू क्षेत्र में कृषि के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।