पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित ईरान समझौता, पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन के परमाणु समझौते से काफी भिन्न है। ट्रंप के 14-बिंदु वाले समझौते में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में तत्काल राहत देने का प्रावधान है, लेकिन निरीक्षण तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर है। वहीं, ओबामा का 160 पृष्ठों का समझौता, जिसे ट्रंप ने रद्द कर दिया था, प्रतिबंधों में राहत को व्यापक जांच और 'सनसेट क्लॉज' (समय सीमा समाप्त होने का प्रावधान) से जोड़ता था। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का समझौता ईरान को तत्काल आर्थिक लाभ प्रदान करता है, जबकि ओबामा का समझौता दीर्घकालिक नियंत्रण और पारदर्शिता पर अधिक केंद्रित था। इस नए प्रस्ताव में निरीक्षण की कम कड़ी शर्तों के कारण, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी रखने की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। दोनों समझौतों के बीच यही मुख्य अंतर है। यह जानकारी 'द टाइम्स ऑफ इज़राइल' की एक रिपोर्ट पर आधारित है।
