डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने प्राकृतिक रूप से नागरिक बने लोगों की नागरिकता रद्द करने के प्रयासों को तेज कर दिया है। यह दशकों में सबसे बड़ा ‘डीनेचुरलाइजेशन’ कार्यक्रम है। न्याय विभाग (डीओजे) कम से कम ऐसे मामलों को निशाना बना रहा है जिनकी नागरिकता रद्द की जा सकती है। यह कदम अमेरिकी इतिहास में नागरिकता रद्द करने के सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है। यह कार्रवाई उन नागरिकों पर केंद्रित है जिनके नागरिकता आवेदन में त्रुटियाँ पाई गई हैं या जिन्होंने गलत जानकारी दी है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम भेदभावपूर्ण है और इसका उद्देश्य आप्रवासियों को डराना है। इस निर्णय से हजारों लोगों की नागरिकता खतरे में आ सकती है।