टेक्सास राज्य ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसके तहत वर्ष 2030 से सार्वजनिक स्कूलों में छात्रों को अंग्रेजी और भाषा कला की कक्षाओं में बाइबल के कुछ अंशों का अध्ययन करना अनिवार्य होगा। समर्थकों का तर्क है कि इससे छात्रों को महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। वहीं, आलोचकों ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि यह चर्च और राज्य के पृथक्करण के सिद्धांत का उल्लंघन कर सकता है। उनका यह भी मानना है कि पाठ्यक्रम में विभिन्न प्रकार के ग्रंथों का समावेश आवश्यक है। यह निर्णय टेक्सास के शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है और संभावित कानूनी चुनौतियों को जन्म दे सकता है। इस पहल से छात्रों पर धार्मिक प्रभाव और शैक्षणिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दे उठ सकते हैं। राज्य सरकार ने अभी तक इस फैसले के कार्यान्वयन की विस्तृत योजना जारी नहीं की है।