एक साल से अधिक समय बाद, 15 मार्च के विरोध प्रदर्शनों के बाद, अधिकारियों ने "ध्वनि तोप" मामले को फिर से खोला है। ऐसा माना जा रहा है कि यह कदम अन्य महत्वपूर्ण मामलों से जनता का ध्यान हटाने के लिए उठाया गया है। राशा नेदेल्कोव से जुड़ा यह मामला, राजनीतिक विश्लेषकों के बीच बहस का विषय बना हुआ है। कुछ का मानना है कि यह सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शनों के बाद अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास है। वहीं, अन्य इसे न्याय की खोज बताते हैं। इस मामले में आगे की जांच से कई खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि इस पुन: जांच का अंतिम परिणाम क्या होगा।