मलेशिया में एक सामुदायिक स्कूल रोहिंग्या शरणार्थी बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्रदान कर रहा है। स्कूल के शिक्षकों के अनुसार, इन बच्चों के पास औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने का कोई अन्य अवसर नहीं है। ये बच्चे म्यांमार से भागकर मलेशिया आए हैं और शिक्षा से वंचित हैं। स्कूल उन्हें पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणित जैसे आवश्यक कौशल सिखा रहा है। यह पहल इन बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने में मदद कर रही है। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा इन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है और उन्हें समाज में एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह स्कूल रोहिंग्या बच्चों की शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गया है।