মানিকगंज जिले के हरिरामपुर उपखंड का ‘हजारी गुड़’ लगभग दो शताब्दियों से अपनी परंपरा बनाए हुए है। यह गुड़ विशेष प्रक्रिया द्वारा हाथ से बनाया जाता है और अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। इसकी खासियत यह है कि इसे हाथ से दबाने पर यह आसानी से पाउडर बन जाता है। यह गुड़ न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय है। जिले की ब्रांडिंग ‘हजारी गुड़ और बाउल गीत, মানিকगंज की असली जान’ के रूप में की गई है। इसकी कीमत लगभग 2000 रुपये प्रति किलोग्राम है, जो इसे एक विशेष और महंगा उत्पाद बनाती है। यह गुड़ अपनी दुर्लभता और विशिष्टता के कारण विशेष लोगों द्वारा ही खरीदा जाता है।