राम मंदिर के सीईओ पद के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया में निजी सवाल पूछे जाने की खबरें सामने आई हैं। उम्मीदवारों से पूछा गया कि क्या वे जनेऊ पहनते हैं और मांसाहार करते हैं या नहीं। इस तरह के व्यक्तिगत प्रश्न पूछने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है, और इसे अनुचित बताया है। उनका तर्क है कि किसी की व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताएं या खान-पान की आदतें, नौकरी के लिए उसकी योग्यता का आकलन करने के लिए प्रासंगिक नहीं हैं। इस घटना ने मंदिर प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर बहस छेड़ दी है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंदिर न्यास बोर्ड ने जांच के आदेश दिए हैं। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।