अगले वर्ष से सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि औसत वेतन वृद्धि के अनुसार होगी। सरकार की योजना के अनुसार, उनके वेतनमान तालिका प्रणाली में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जाएंगे, जिसमें प्रत्येक श्रेणी के बीच न्यूनतम चार प्रतिशत का अंतर होगा। हालांकि, शिक्षक और शिक्षाविद इस बदलाव से बाहर रहेंगे। इस योजना से सार्वजनिक क्षेत्र में वेतन संरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है। फिलहाल, इस प्रस्ताव पर श्रमिक संघों की राय का इंतजार है। यह बदलाव सरकारी कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य को प्रभावित कर सकता है। उम्मीद है कि यह प्रणाली अधिक न्यायसंगत और पारदर्शी होगी।