एक मनोवैज्ञानिक, राफेल संतंद्रेउ के अनुसार, अनिद्रा के अधिकांश मामलों का मूल कारण मानसिक होता है। बिस्तर पर जाने से पहले यह सोचने की गलती कि आप कितने घंटे सो पाएंगे, एक दुष्चक्र पैदा करती है जिससे नींद आना मुश्किल हो जाता है। संतंद्रेउ का कहना है कि अच्छी नींद में बाधा डालने वाले मुख्य कारक मानसिक ही होते हैं। उन्होंने नींद से जुड़ी चिंताओं और डर को दूर करने के तरीके भी बताए हैं। यह शोध नींद की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व को दर्शाता है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि नींद की गुणवत्ता में सुधार के लिए मानसिक कारणों को समझना और उनका समाधान करना आवश्यक है। इस समस्या से निपटने के लिए सकारात्मक सोच और तनाव प्रबंधन तकनीकों को अपनाने की सलाह दी जाती है।