पेट्रो सरकार ने देश को भारी कर्ज के बोझ में छोड़ा है। सार्वजनिक व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के प्रयास विफल रहे हैं, जिसके कारण यह क्षेत्र अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। सरकार के निर्णयों के कारण राज्य के ऋण में 30 खरब पेसो की वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य संबंधी कानूनी सुरक्षा उपायों में 17.9% की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन वित्तीय निर्णयों का आम नागरिकों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। देश की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य प्रणाली दोनों ही चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।