एक जुलाई से, यदि विमानन कंपनी की गलती से उड़ान में चार घंटे से अधिक की देरी होती है, तो यात्री टिकट वापसी की मांग कर सकते हैं, पहले यह सीमा पाँच घंटे थी। यह नियम विमान रद्द होने और देरी होने की समस्याओं को हल करने के लिए बनाया गया है। नई नीति के अनुसार, विमानन कंपनियों को देरी के लिए यात्रियों को मुआवजा भी देना होगा। यह जानकारी विमान सेवाओं में पारदर्शिता और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से जारी की गई है। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि कुछ विमानन कंपनियों में उड़ान रद्द होने और देरी होने की दर अधिक है। इस नियम से यात्रियों को बेहतर सेवा मिलने की उम्मीद है और विमानन कंपनियों को अपनी सेवाओं में सुधार करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
