प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संगठन शिक्षा विभाग से पूरे देश में होने वाली सक्रिय शूटर सिमुलेशन को स्थगित करने का आग्रह कर रहे हैं। उनका मानना है कि ये ड्रिल छात्रों और शिक्षकों में तनाव और चिंता बढ़ा सकती हैं, विशेष रूप से उन लोगों में जिन्होंने पहले से ही हिंसा का अनुभव किया है। संगठनों ने तर्क दिया कि इस तरह के अभ्यास बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। वे वास्तविक आपात स्थिति के लिए तैयारी करने के बेहतर तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव देते हैं, जिसमें कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों में सुधार शामिल है। उनका कहना है कि शूटिंग ड्रिल के बजाय, स्कूलों को परामर्श सेवाओं और मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर अधिक ध्यान देना चाहिए। संगठनों ने शिक्षा विभाग से इस मामले पर पुनर्विचार करने और छात्रों और कर्मचारियों की भलाई को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। इस कदम का उद्देश्य स्कूलों में सुरक्षित वातावरण बनाना है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह तरीका उल्टा पड़ सकता है।