एक गणित शिक्षक और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर लगातार दूसरे वर्ष परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर लीक करने का आरोप लगा है। शिक्षक का कहना है कि उन्होंने छात्रों से कुछ नहीं मांगा और यह "शैक्षणिक पुनर्निर्माण" का एक प्रयास था। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया है। शिक्षक के अनुसार, यह कदम छात्रों को बेहतर ढंग से समझने और सीखने में मदद करने के लिए उठाया गया था। हालांकि, इस घटना से परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिक्षक का दावा है कि उनका इरादा छात्रों को धोखा देने का नहीं, बल्कि शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने का था।