फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मोंटेनेग्रो के तिवत में सर्बिया के राष्ट्रपति वूčić की प्रशंसा की, और सर्बिया की यूरोपीय संघ की ओर प्रगति को सकारात्मक बताया। उन्होंने सर्बिया के यूरोपीय संघ में शामिल होने की राह में "सकारात्मक गति" की बात कही। वहीं, जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज़ ने इस प्रशंसा पर चिंता व्यक्त की है। शोल्ज़ ने सर्बिया में लोकतांत्रिक मानदंडों और कानून के शासन को लेकर सवाल उठाए हैं। मैक्रों की प्रशंसा को सर्बिया में लोकतांत्रिक विकास में विश्वास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, या फिर यह उन व्यावसायिक हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास है जिनमें हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। यह घटनाक्रम यूरोपीय संघ के भीतर सर्बिया की सदस्यता को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोणों को दर्शाता है। जर्मनी, सर्बिया से लोकतांत्रिक सुधारों की अपेक्षा करता है, जबकि फ्रांस, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है। इस स्थिति में, सर्बिया की यूरोपीय संघ की सदस्यता की राह अनिश्चित बनी हुई है।