हाल ही में ‘ख्रोनो’ द्वारा प्रकाशित एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, केवल एक चौथाई युवा शोधकर्ता ही दूसरों को समान करियर चुनने की सिफारिश करेंगे। अकादमी फॉर यंगर रिसर्चर और रिसर्चर एसोसिएशन के अनुसार, 2018 में यह आंकड़ा 53 प्रतिशत था, जो 2026 में गिरकर 27 प्रतिशत हो गया है। इस गिरावट का मुख्य कारण अस्थायी नौकरियों की अधिकता और सुरक्षित भविष्य की संभावनाओं की कमी है। सर्वेक्षण में 45 वर्ष से कम आयु के लगभग 1000 शोधकर्ताओं ने भाग लिया, जिनमें से आधे से अधिक अस्थायी रूप से कार्यरत हैं। युवा शोधकर्ताओं का मानना है कि उन्हें करियर में स्थिरता की कमी महसूस हो रही है। यह स्थिति उच्च शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र में चिंताजनक है, क्योंकि यह प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने और बनाए रखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। इस अध्ययन से नीति निर्माताओं को युवा शोधकर्ताओं के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियाँ बनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文