शिक्षा मंत्रालय के एक विशेषज्ञ, अनूआर अहमद ने छह वर्ष की आयु के बच्चों के नामांकन में केवल 18% की दर पर चिंता व्यक्त की है। इस कम दर से अभिभावकों को जानकारी देने और स्कूलों की तैयारी के स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। अहमद के अनुसार, यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि नामांकन के महत्व के बारे में जागरूकता अभियान प्रभावी नहीं रहे हैं। साथ ही, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी चिंताएं हैं। इस स्थिति के कारण कई बच्चे समय पर शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह सकते हैं। मंत्रालय इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और जागरूकता बढ़ाने तथा स्कूलों की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कदम उठाने की योजना बना रहा है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी बच्चों को शिक्षा का समान अवसर मिले।
