अर्जेंटीना के वैज्ञानिकों ने दालों और अन्य फलियों के पकने के बाद बचे पानी, जिसे ‘एक्वाफाबा’ कहा जाता है, की दोहरी उपयोगिता खोजी है। यह पानी अंडे के विकल्प के रूप में शाकाहारी व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है, विशेष रूप से मेरिंग्यू बनाने में। शोधकर्ताओं ने पाया कि एक्वाफाबा में मौजूद प्रोटीन और अन्य गुण अंडे के समान ही हैं, जिससे यह बेकिंग और अन्य खाद्य उत्पादों के लिए एक व्यवहार्य विकल्प बन जाता है। इसके अतिरिक्त, एक्वाफाबा का उपयोग पर्यावरण के अनुकूल, बायोडिग्रेडेबल सामग्री बनाने में भी किया जा सकता है। यह खोज खाद्य उद्योग और प्लास्टिक के विकल्प की तलाश करने वालों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह टिकाऊ और किफायती विकल्प प्रदान करता है। इस अनुसंधान से खाद्य अपशिष्ट को कम करने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल सकती है।