राष्ट्रीय नींद फाउंडेशन और मेयो क्लिनिक के दिशानिर्देशों के अनुसार, शरीर को उत्तेजक कैफीन को संसाधित करने के लिए एक निश्चित समय सीमा होती है। अच्छी नींद सुनिश्चित करने के लिए, अंतिम कप कॉफी पीने का समय महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कैफीन के सेवन और सोने के समय के बीच पर्याप्त अंतराल होना चाहिए ताकि शरीर इसे पूरी तरह से मेटाबोलाइज कर सके। यह समय सीमा व्यक्ति की शारीरिक क्षमता पर निर्भर करती है, लेकिन सामान्य तौर पर, दोपहर के बाद कॉफी पीने से बचना बेहतर है। देर शाम कॉफी पीने से नींद में खलल पड़ सकता है और नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इन दिशानिर्देशों का पालन करके, लोग अपनी नींद की आदतों को बेहतर बना सकते हैं और स्वस्थ जीवनशैली का आनंद ले सकते हैं।