किर्गिस्तान के सरकारी अधिकारियों ने संसद (झोगोर्कु केनेश) में समावेशी शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। यह विवरण 'अला-तोओ' संसदीय समूह के सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने देश में उपलब्ध समावेशी कक्षाओं की कुल संख्या की जानकारी साझा की। साथ ही, उन्होंने उन कारणों पर प्रकाश डाला जिनकी वजह से इन कक्षाओं की संख्या पर्याप्त नहीं है। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षा की बाधाओं को समझना था। बैठक में शिक्षा प्रणाली में सुधार और संसाधनों की कमी जैसे मुद्दों पर विचार किया गया। यह कदम देश में समावेशी शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है।
