किर्गिस्तान में पिछले दस वर्षों में प्री-स्कूल में नामांकन बढ़ा है, लेकिन जेनेसिस एनालिटिक्स की 'जेनरेशन 2025' नामक एक अध्ययन के अनुसार, लगभग आधे तीन से छह साल के बच्चे अभी भी औपचारिक प्री-स्कूल शिक्षा से वंचित हैं। यह समस्या ग्रामीण क्षेत्रों और कम आय वाले परिवारों में विशेष रूप से गंभीर है। अध्ययन में पाया गया है कि कई बच्चे प्रारंभिक बचपन विकास के महत्वपूर्ण लाभों से चूक रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-स्कूल शिक्षा बच्चों के भविष्य के शैक्षणिक प्रदर्शन और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस असमानता को दूर करने के लिए सरकार और संबंधित संगठनों द्वारा तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों का आवंटन बढ़ाना आवश्यक है। यह अध्ययन किर्गिस्तान में शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
