पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया कि मक्का की विजय के बाद, हिजरत (प्रवासन) नहीं रहा, बल्कि जिहाद और इरादा ही महत्वपूर्ण है। हिजरी नव वर्ष इस्लामी कैलेंडर का आरंभ बिंदु है। यह घटना मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, क्योंकि इसने मक्का से मदीना के प्रवासन को चिह्नित किया था। हिजरी का अर्थ है 'प्रवासन', जो धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए मक्का से मदीना की ओर मुसलमानों का पलायन था। यह वर्ष मुसलमानों के लिए नए सिरे से शुरुआत का प्रतीक है और धार्मिक और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण को दर्शाता है। हिजरी का स्मरण मुसलमानों को अपने विश्वास के प्रति दृढ़ रहने और अल्लाह के रास्ते में प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है। यह दिन आत्म-चिंतन और बेहतर भविष्य के लिए संकल्प लेने का अवसर भी है।
