इजरायली खुफिया सूत्रों का मानना है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनी अंतिम समझौते पर पहुंचने की इच्छा नहीं रखते हैं। हालांकि, उन्होंने अमेरिका के साथ वर्तमान समझौते पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इजरायली आकलन के अनुसार, खमेनी का उद्देश्य संभवतः अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखना और कुछ लाभ प्राप्त करना है। यह समझौता ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक कदम हो सकता है, लेकिन इजरायल इस समझौते को लेकर सतर्क है। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि यह समझौता ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। वे इस समझौते के संभावित परिणामों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। इस मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।
