इंडोनेशिया के नुसा मंडाली विश्वविद्यालय (UNM) की सूचना प्रौद्योगिकी की छात्रा, हलीमा तुसादियाह ने एक बैंक में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में नौकरी हासिल करके रूढ़िवादी धारणाओं को चुनौती दी है। आमतौर पर, सूचना प्रौद्योगिकी के छात्रों को प्रोग्रामिंग और सिस्टम डेवलपमेंट में कुशल माना जाता है, लेकिन हलीमा ने 'IEP 3+1' कार्यक्रम के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम ने उन्हें बैंक मंदिरी तास्पेन में इंटर्नशिप करने का अवसर प्रदान किया। इंटर्नशिप के दौरान, हलीमा ने ग्राफिक डिजाइन में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया, जिससे उन्हें स्थायी नौकरी मिली। यह सफलता दर्शाती है कि तकनीकी शिक्षा छात्रों के लिए विविध करियर विकल्प खोल सकती है। हलीमा की कहानी अन्य छात्रों के लिए प्रेरणादायक है, जो अपनी रुचियों और कौशल के अनुसार करियर बनाने की इच्छा रखते हैं। यह कार्यक्रम उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग का एक सफल उदाहरण है।
