इंडोनेशिया में 37 संगठनों ने मुस्लिम उलमा परिषद (एमयूआई) द्वारा एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के सदस्यों और उनके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के प्रस्ताव का विरोध किया है। एमयूआई ने सरकार और विधायिका से ऐसे नियम बनाने का आग्रह किया था जिसके तहत एलजीबीटीक्यू+ गतिविधियों में शामिल लोगों को दंडित किया जा सके। इन संगठनों का कहना है कि यह प्रस्ताव मानवाधिकारों का उल्लंघन है और भेदभाव को बढ़ावा देगा। विरोध करने वाले समूहों में मानवाधिकार कार्यकर्ता, एलजीबीटीक्यू+ अधिकार संगठन और नागरिक समाज समूह शामिल हैं। उनका तर्क है कि एलजीबीटीक्यू+ व्यक्तियों को आपराधिक दंड देना असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण होगा। संगठनों ने सरकार से इस प्रस्ताव को खारिज करने और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। इस मामले पर इंडोनेशिया में बहस जारी है, जहां एलजीबीटीक्यू+ अधिकार एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।