एल नीनो की वजह से भारत में कम वर्षा होने की आशंका है, जिससे गन्ने की पैदावार घट सकती है। इसके साथ ही, भारत सरकार की इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने की नीति के कारण भी चीनी की आपूर्ति कम होने की संभावना है। इन दो कारणों से आने वाले कई वर्षों तक भारत से चीनी का निर्यात मुश्किल हो सकता है। इससे एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों में चीनी की कमी हो सकती है और कीमतों में वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादकों और निर्यातकों में से एक है, इसलिए इस स्थिति का वैश्विक बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कदम उठा सकती है, लेकिन तत्काल निर्यात पर इसका असर स्पष्ट है।