कारावास, एक निर्धारित अवधि के लिए स्वतंत्रता का हनन है, जिसका मुख्य उद्देश्य पुनर्वास और समाज में पुनर्प्रवेश है। यह कभी भी हिंसा, यातना, उपेक्षा या यहां तक कि मृत्युदंड में परिवर्तित नहीं होना चाहिए। जेलों में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार उनकी गरिमा का उल्लंघन है और मानवाधिकारों के खिलाफ है। सरकार और जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी कैदियों को बुनियादी मानवीय आवश्यकताएं और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। कारावास का उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि अपराधियों को सुधारा जाना है ताकि वे समाज के उत्पादक सदस्य बन सकें। कैदियों के अधिकारों की रक्षा करना न्याय और मानवता की कसौटी है। किसी भी परिस्थिति में, जेल में किसी भी कैदी की मृत्यु को स्वीकार नहीं किया जा सकता।