सख्त कानूनों के बावजूद, अवैध रूप से बनाए गए भवनों या विस्तारों के डेवलपर्स या बिल्डरों को राहत मिलने या अंततः विध्वंस और भूमि अधिकारों के नुकसान का पचास-पचास प्रतिशत जोखिम बना रहता है। इसका अर्थ है कि अवैध निर्माण करने वालों को दंडित करने की प्रक्रिया में अनिश्चितता है। वर्तमान स्थिति में, कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए कानूनी कार्रवाई से बचने की संभावना बनी हुई है। यह स्थिति निर्माण क्षेत्र में अनियमितताओं को बढ़ावा दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और अवैध निर्माण को रोकने के लिए अधिक प्रभावी प्रवर्तन की आवश्यकता है। सरकार इस मामले में सख्त कदम उठाने पर विचार कर रही है ताकि भविष्य में अवैध निर्माण को रोका जा सके और कानून का शासन स्थापित किया जा सके। इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।