आजकल अनिश्चित और नाजुक समय चल रहा है। पैगंबर आमोस (आमोस 5:13) की सलाह के अनुसार, चुप्पी- पूर्ण चुप्पी ही हमारी नियति बन जाएगी। बाफो-बोनी के राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों (State-Owned Enterprises) के दौरे असंवैधानिक हस्तक्षेप की श्रेणी में आते हैं। मुख्य न्यायाधीश किसी यात्रा करने वाले मंत्री नहीं हैं, और इस तरह के दौरे न्यायिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। यह घटना देश में व्याप्त अनिश्चितता और खतरे की भावना को और बढ़ाती है। इस मामले में, चुप्पी बनाए रखने का अर्थ है न्याय के सिद्धांतों के साथ समझौता करना। यह महत्वपूर्ण है कि संवैधानिक सीमाओं का सम्मान किया जाए और सभी हितधारकों द्वारा पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

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