आर्कटिक शिपिंग मार्गों को लेकर यूरोपीय संघ ने अपनी अनिच्छा व्यक्त की है, जबकि चीन और रूस इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यूरोप इन मार्गों के माध्यम से होने वाले माल का मुख्य गंतव्य है और दुनिया के अधिकांश शिपिंग दिग्गजों का घर है, फिर भी वह नाजुक ध्रुवीय पारिस्थितिकी तंत्र और बढ़ते जोखिमों को लेकर वाणिज्यिक उपयोग का विरोध कर रहा है। रूस और चीन के बीच बढ़ते ध्रुवीय सहयोग ने भी यूरोप में चिंता बढ़ा दी है। यूरोपीय संघ का मानना है कि इस क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है। साथ ही, रूस और चीन के बीच सहयोग को लेकर भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़ रहा है। यूरोप, आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए सतर्क दृष्टिकोण अपना रहा है।