यूरोपीय संसद ने एक नया कानून पारित किया है जिसके तहत शाकाहारी उत्पादों को मांस जैसे नाम नहीं दिए जा सकेंगे। इस कानून के अनुसार, “शाकाहारी स्टेक” जैसे नामों का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है, ताकि पशुपालकों के हितों की रक्षा की जा सके। हालांकि, “सॉसेज” और “बर्गर” जैसे शब्दों का उपयोग शाकाहारी उत्पादों के लिए किया जा सकेगा। यह फैसला गहन चर्चाओं के बाद आया है और यूरोपीय सांसदों तथा सदस्य देशों के बीच एक समझौते का परिणाम है। इस कानून का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाना और मांस उद्योग को समर्थन देना है। यह प्रतिबंध शाकाहारी खाद्य पदार्थों के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद को समाप्त करने का प्रयास है। कानून मार्च में ही समझौता कर लिया गया था और अब इसे लागू किया जा रहा है।