न्याय मंत्री जेरोनिम तेजे ने आरोप लगाया है कि संवैधानिक न्यायालय ने अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पेट्र पावेल की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जारी किए गए अस्थायी आदेश के साथ अपनी शक्तियों को पार कर लिया। तेजे ने इसे अभूतपूर्व न्यायिक सक्रियता का प्रदर्शन बताया। सरकार ने अब न्यायाधीश पावेल शामल को आगे की कार्यवाही से हटाने का अनुरोध किया है, जो मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर रहे हैं। यह मामला न्यायालय की शक्तियों और सरकार के साथ उसके संबंधों पर सवाल उठाता है। सरकार का मानना है कि न्यायालय का हस्तक्षेप अनुचित था। इस घटना ने चेक गणराज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। शामल की प्रतिक्रिया के बिना स्थिति जटिल है।