इंडोनेशियाई विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की कमी एक गंभीर समस्या बन रही है। युवा स्नातकों के लिए अब प्रोफेसर बनना आकर्षक विकल्प नहीं रहा है, जिसके कारण इस पेशे में रुचि कम हो रही है। सोशल मीडिया पर #JanganJadiDosen (प्रोफेसर मत बनो) जैसे हैशटैग इस प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। यह स्थिति उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता को खतरे में डाल सकती है। वेतन और करियर की संभावनाओं में कमी को इस समस्या का मुख्य कारण माना जा रहा है। सरकार और विश्वविद्यालयों को प्रोफेसरों के कल्याण और नए प्रोफेसरों को आकर्षित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर ध्यान न देने से देश के भविष्य की पीढ़ी की शिक्षा प्रभावित हो सकती है।
